प्रतिवर्ष बाढ़ से बलरामपुर जिले के प्रभावित होने वाले गांवों को बचाने के लिए बलरामपुर-भड़रिया तटबंध की मरम्मत पर पांच करोड़ 32 लाख 50 हजार रुपये खर्च किए जाने की योजना तैयार की गई है। राप्ती नदी की बाढ़ से 70 किलोमीटर लंबा बांध सैकड़ों गांवों को हर वर्ष बचाता है। छह स्थानों पर तटबंध क्षतिग्रस्त है। बरसात से पहले तटबंध की मरम्मत कराने की जरूरत है। बलरामपुर सदर एवं उतरौला तहसील की 50 हजार आबादी और 65 हजार बीघे जमीन पर राप्ती नदी के बाढ़ का खतरा है।
यह भी पढ़ें : Balrampur News: बलरामपुर रोडवेज बस अड्डे को जाने वाली सड़क होगी चौड़ी, शासन को भेजा गया प्रस्ताव
बलरामपुर में राप्ती नदी का चेतावनी स्तर 103.620 मीटर और खतरे का जलस्तर 104.620 मीटर है। सदर व उतरौला तहसील के 50 से अधिक गांवों को राप्ती नदी की बाढ़ से सुरक्षा दिलाने के लिए वर्ष 1990 में 70 मीटर लंबा बलरामपुर-भड़रिया तटबंध का निर्माण कराया गया था। मलमलिया, भवानी जोत व मटियरिया सहित छह स्थानों पर तटबंध 50 से 100 मीटर तक बह गया है। इससे गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। तटबंध के किलोमीटर 19.200 से 19.800, किलोमीटर 13 से 13.300 व किलोमीटर 31.100 से 31.400 किलोमीटर के मध्य राप्ती नदी कई वर्ष से कटान कर रही है। नदी व तटबंध के बीच 30 से 40 मीटर का गैप रह गया है। राप्ती नदी व तटबंध के बीच गैप भरने के साथ कटे भाग की बरसात से पहले मरम्मत कराने पर पांच करोड़ 32 लाख 50 हजार रुपये खर्च करने की योजना तैयार की गई है।