बकरामपुर जिलें के तुलसीपुर तहसील मुख्यालय से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर विकासखंड गैंसड़ी के बिलोहा गांव में स्थित राजकीय महाविद्यालय की स्थिति दयनीय है। करोड़ों रुपये की लागत से बन रहा यह राजकीय महाविद्यालय अब मात्र शोपीस बनकर रह गया है।
यह भी पढ़ें : Balrampur News: पांच एकड़ में बनेगा तुलसीपुर रोडवेज बस अड्डा, तैयार हो रहा डीपीआर
2019 में शुरू होना था संचालन
उत्तर प्रदेश शासन ने 2019 में महाविद्यालय का संचालन शुरू करने का निर्देश दिया था। लेकिन कार्यदायी संस्था के ठेकेदार ने बजट न होने की बात कहकर बीच में ही काम छोड़कर चले गए। भवन अधूरा होने के कारण इसका हस्तांतरण भी अभी तक नहीं हो पाया है।
पिछले पांच वर्षों से यहां शिक्षण कार्य जारी है। प्रचार-प्रसार की कमी और अधूरे भवन के कारण छात्रों की संख्या बेहद कम है। वर्तमान शैक्षिक सत्र में केवल 50 छात्र ही पढ़ाई कर रहे हैं। भवन का हस्तांतरण न होने के कारण यहां परीक्षा केंद्र नहीं बन पाया है। छात्रों को परीक्षा देने के लिए अन्य महाविद्यालयों में जाना पड़ता है। कॉलेज तक पहुंचने का कोई पक्का रास्ता भी नहीं है। झाड़ियों और खेतों के बीच से होकर जाना पड़ता है।
बारिश के मौसम में नाले में बाढ़ आने पर कॉलेज चारों तरफ पानी से घिर जाता है। इससे कई दिनों तक आवागमन बंद रहता है। महाविद्यालय में प्राचार्य का पद भी विवेकाधीन है।