बलरामपुर जिलें में गरीब परिवारों को मिलने वाले खाद्यान्न में बड़ी अनियमितता सामने आई है। 7870 कार्डधारक ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जो मृतक और शादीशुदा बेटियों के यूनिट का भी राशन डकार रहे थे। ई केवाईसी प्रक्रिया में यह मामला पकड़ में आया है। अब पूर्ति विभाग ने 7870 लोगों का नाम राशन कार्डों से हटा दिया है।
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मृतक और अपात्र व्यक्तियों की पहचान के लिए पूर्ति विभाग राशन कार्डधारकों का सत्यापन करा रहा है। कार्ड में दर्ज सभी सदस्यों के आधार कार्ड के जरिए ई केवाईसी की जा रही है। जिले में 3,16,742 पात्र गृहस्थी एवं 36,671 अंत्योदय कार्डधारक हैं। इनमें 16,19,061 सदस्यों की ई केवाईसी होनी है। 18 मार्च तक 12,20,550 सदस्यों की ई केवाईसी हो चुकी है, जो लक्ष्य का 75.39 प्रतिशत है। ई केवाईसी प्रक्रिया में ही 7870 सदस्य ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिनकी या तो मौत हो चुकी है, या ऐसी बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। फिर भी परिवार वाले इन नाम के यूनिटों का राशन ले रहे थे।
इन लोगों को जब आधार कार्ड के साथ ई केवाईसी के लिए बुलाया गया तब इस बात का पता चला। पूर्ति विभाग की तरफ से तत्काल 7870 यूनिटों काे निरस्त कर दिया गया है। 31 मार्च तक ई केवाईसी प्रक्रिया चलेगी। अंतिम तिथि तक यदि किसी ने ई केवाईसी नहीं कराई तो उसका नाम राशन कार्ड से हटा दिया जाएगा - कुमार निर्मलेंदु, जिला पूर्ति अधिकारी, बलरामपुर