बलरामपुर जिले के विकासखंड पचपेड़वा के विशुनपुर तालाब के जीर्णोद्धार में बड़े पैमाने पर धांधली सामने आई है। गांव के तालाब का मनरेगा से जीर्णोद्धार उस समय कराया गया, जब तालाब पानी से लबालब भरा था। हर दिन 100 श्रमिकों को काम करते दिखा कर करीब 58 लाख रुपये का खर्च मनरेगा से कराया गया। जांच में यह बात सामने आई कि मनरेगा के बजट में बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया।
यह भी पढ़ें : UP News: खलीलाबाद बहराइच वाया बलरामपुर-श्रावस्ती नई रेलवे लाइन पर इस जगह शुरू हुआ स्टेशन भवन का निर्माण कार्य
सीडीओ हिमांशु गुप्ता ने शिकायत पर मामले की जांच कराई। प्रारंभिक जांच में घपले की पुष्टि हुई है। जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने पूरे मामले जिम्मेदारों को चिह्नित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है। इसमें ब्लॉक के कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा/खंड विकास अधिकारी धनंजय सिंह समेत अन्य जिम्मेदारों से दुरुपयोग की गई धनराशि की वसूली कराने का भी निर्देश दिया है। सीडीओ हिमांशु गुप्ता ने बताया कि मामले में दोषियों की चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। मनरेगा के बजट में दुरुपयोग की गई धनराशि का आकलन कर जिम्मेदारों से तय मानक के तहत वसूली की कार्रवाई भी की जाएगी। जिलाधिकारी के आदेश पर जांच का दायरा बढ़ाया गया है।